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जीवन में उजाला

रोती रहती हूँ मैं ,
लगातार बिना रुके , 
आंसू तो बस बहते ही जाते हैं , 
रुकते ही नहीं , 
कोई नहीं है मेरे आंसू पोछने वाला , 
कही से तो आये मेरे जीवन में उजाला |




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